हरिद्वार में भाई की हत्या का बदला लेने की कथित तैयारी कर रहे एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से दो अवैध पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को सूचना मिली थी कि उसके भाई की हत्या के मामले में शामिल लोग जेल से बाहर आने के बाद हरिद्वार पहुंचने वाले हैं। इसके बाद वह हथियार लेकर उनकी तलाश में घूम रहा था। पुलिस की सतर्कता से संभावित गैंगवार की बड़ी वारदात टल गई।
मामले का खुलासा सोमवार को हरिद्वार के एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने किया। पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर को नगर कोतवाली पुलिस की टीम चित्रकूट घाट के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध व्यक्ति पर पड़ी। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके कंधे पर टंगे बैग की तलाशी ली। बैग से 32 बोर की दो पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए। हथियारों का लाइसेंस मांगे जाने पर आरोपी कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 45 वर्षीय मनोज कुमार के तौर पर हुई है, जो मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि साल 2010 में पंचायत चुनाव के दौरान उसके भाई की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से ही वह कथित तौर पर भाई की हत्या का बदला लेने के लिए आरोपियों की तलाश कर रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अप्रैल 2026 में हरिद्वार आया था। यहां उसने एक आश्रम को लीज पर लेकर होटल के तौर पर कारोबार शुरू किया। इसी दौरान उसे कथित तौर पर पता चला कि उसके भाई की हत्या के आरोपी जेल से बाहर आ चुके हैं और हरिद्वार आने वाले हैं। इसके बाद उसने उनकी हत्या की तैयारी शुरू कर दी।
फिलहाल पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और हथियारों के स्रोत की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि समय रहते आरोपी की गिरफ्तारी होने से संभावित गैंगवार की घटना को टाल दिया गया।

