संवाददाता || दीपक देवदास | बालोद
गुरुर। नगर पंचायत पलारी निकाय चुनाव के लिए हुए मतदान के दौरान संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचीं विधायक ने आरोप लगाया कि कई केंद्रों पर अव्यवस्था एवं लापरवाही देखने को मिली, जिससे मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विधायक ने बताया कि बूथ क्रमांक-1 में मतदान मशीन अचानक बंद हो गई थी। उनके अनुसार लगभग 72 वोट पड़ने के बाद मशीन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते करीब पांच मिनट तक मतदान प्रभावित रहा। उन्होंने कहा कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य में ऐसी तकनीकी समस्याएं चिंता का विषय हैं और इससे मतदाताओं का समय भी प्रभावित होता है।
संगीता सिन्हा ने आरोप लगाया कि एक अन्य मतदान केंद्र में मतदान अधिकारियों द्वारा मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में प्रत्यक्ष सहायता दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई मतदाता असमर्थ हो तो निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। बिना आवश्यक औपचारिकताओं के अधिकारियों द्वारा मतदान कराने जैसी स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने बताया कि इन सभी मामलों की जानकारी उन्होंने संबंधित एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारियों को दी, लेकिन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने कहा कि चुनाव के दौरान प्रशासन की जिम्मेदारी निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि मतदाताओं का विश्वास बना रहे।
प्रचार बंद होने के बाद भी बाहरी लोगों की सक्रियता का आरोप
विधायक संगीता सिन्हा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद भी बाहरी लोग विभिन्न वार्डों में सक्रिय रहे और मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास करते रहे। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों द्वारा मतदाताओं को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर मतदान को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐसे लोगों का घेराव कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन संबंधित व्यक्तियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बजाय अधिकारियों द्वारा फोटो और वीडियो साक्ष्य मांगे गए। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक दबाव के कारण भाजपा से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी।
संगीता सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सर्वोपरि है। यदि कहीं भी निर्वाचन नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की जांच कराने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

