उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारने के फैसले पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है।
सुभासपा प्रवक्ता सुभाष चंद्र यादव ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी के भीतर जल्द ही भगदड़ की स्थिति बन सकती है। उनका आरोप है कि अखिलेश यादव को अपने विधायकों की क्रॉस वोटिंग का डर था, इसी वजह से सपा ने राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारा।
सुभाष चंद्र यादव के मुताबिक, अगर सपा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारती और चुनाव की नौबत आती, तो बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते थे। उनका दावा है कि अखिलेश यादव को इसकी पूरी जानकारी थी।
सुभासपा प्रवक्ता ने यहां तक आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कई विधायक बीजेपी और एनडीए के संपर्क में हैं। उनके मुताबिक, राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार उतारने पर सपा के भीतर की स्थिति खुलकर सामने आ सकती थी और पार्टी को चुनाव से पहले ही बड़ा झटका लग जाता।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका सीधा असर समाजवादी पार्टी पर दिखाई देगा। सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में सपा का सूपड़ा साफ होने वाला है।
अब बात करते हैं राज्यसभा चुनाव की। समाजवादी पार्टी ने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। तीसरे उम्मीदवार को लेकर पिछले कई दिनों से अटकलें चल रही थीं।
हालांकि, मंगलवार को अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साफ कर दिया कि पार्टी का फोकस अब राज्यसभा की तीन सीटों पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। बीजेपी ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। सपा के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में नहीं उतरने की स्थिति में मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो सकते हैं।
मौजूदा विधानसभा संख्या के हिसाब से बीजेपी-एनडीए के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों के निर्वाचित होने की स्थिति बन रही है।
ऐसे में अब सियासी सवाल यही है कि क्या सपा ने क्रॉस वोटिंग के डर से तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारा, या फिर अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह रणनीतिक फैसला लिया है?

