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‘किसानों का पैसा खा गए सपाई, उसी का श्राप लगा!’ CM योगी का सपा पर हमला

किसानों के मुआवजे पर CM योगी का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- किसानों का पैसा हड़पने वालों को मिला श्राप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को आपदा राहत राशि वितरित करने के दौरान पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर किसानों के मुआवजे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों का पैसा हड़पने वालों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस शासन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय केंद्र से भेजे गए 100 रुपये में से लाभार्थियों तक केवल 15 रुपये ही पहुंचते थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी इस व्यवस्था को स्वीकार किया था।

योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2014 में आए हुदहुद चक्रवात का उल्लेख करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार ने राहत के लिए 3,200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार किसानों को केवल 800 करोड़ रुपये ही वितरित कर सकी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद इस मामले की जांच कराई गई और अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था करके किसानों को उनका बकाया मुआवजा दिलाया गया।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम करती रही, जबकि किसानों की मेहनत की कमाई के साथ भी अन्याय किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है और बिचौलियों के लिए कोई जगह नहीं है।

9.18 लाख किसानों के खातों में भेजे गए 493 करोड़ रुपये

सोमवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिमोट का बटन दबाकर बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने महज आठ से दस दिनों के भीतर प्रभावित किसानों तक मुआवजा पहुंचाने का काम किया है। इस वर्ष बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों तथा नागरिकों को करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आपदा की स्थिति में किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक राहत देना है, ताकि वे दोबारा अपनी खेती और आजीविका को पटरी पर ला सकें।

आपदा में जान-माल के नुकसान पर मिलेगी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा के कारण जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, आकाशीय बिजली और दुर्घटनाओं के मामलों में पात्र किसानों, बटाईदारों तथा उनके परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की व्यवस्था है। इसके अलावा आंशिक मकान क्षति और पशुहानि के मामलों में भी नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इससे पहले 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए करीब 78 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त जनहानि, पशुहानि और मकानों को हुए नुकसान के मामलों में 225.93 करोड़ रुपये की सहायता वितरित की गई है।

क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए अधिकारियों को निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से होने वाले कटान को रोकने के लिए जरूरी कार्य तत्काल शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। मौसम साफ होते ही लोक निर्माण विभाग, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम शुरू करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा राहत कार्यों और आवागमन बहाल करने के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम तथा वर्षा की निगरानी के लिए रेन गेज लगाए गए हैं। इसके साथ ही लोगों को मोबाइल फोन पर मौसम संबंधी अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं।

15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में खुलेंगे धान खरीद केंद्र

किसानों की उपज की खरीद को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से प्रभावित जिलों में 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का की खरीद के लिए केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में खरीद प्रक्रिया सोमवार से शुरू की जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों की उपज खरीदने में किसी प्रकार की सीमा नहीं होगी और भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि प्रदेश में 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया है। इसके अलावा 16 लाख निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली देने और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाने का दावा किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे। शेष लाभार्थियों को धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी गिनाईं उपलब्धियां

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता देते हुए कृषि क्षेत्र में अब तक 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया कि गन्ने का मूल्य 280 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है और गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में किसानों को 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है।

वहीं, सांसद रवि किशन ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में किसान कर्ज और आर्थिक परेशानियों से जूझते थे। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने कर्जमाफी, गन्ना भुगतान और आपदा राहत को प्राथमिकता दी है। उनके मुताबिक, अब संकट के समय किसानों को सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ता और सरकार उनकी मदद के लिए खड़ी रहती है।

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