तिलक वर्मा और नितीश रेड्डी का तूफान! भारत ने न्यूजीलैंड के जबड़े से छीनी जीत
भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया यह मुकाबला हार जाएगी, लेकिन तिलक वर्मा और नितीश रेड्डी की तूफानी बल्लेबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने आखिरी ओवरों में कमाल करते हुए भारत को यादगार जीत दिलाई।
शनिवार, 24 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेले गए इस मुकाबले में भारत को अंतिम 3 ओवरों में जीत के लिए 46 रन बनाने थे। टीम के 6 विकेट गिर चुके थे और जीत की उम्मीदें बेहद कम नजर आ रही थीं। लेकिन तिलक वर्मा और नितीश रेड्डी ने हार नहीं मानी और सातवें विकेट के लिए महज 30 गेंदों में नाबाद 69 रनों की साझेदारी कर दी।
तिलक वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 26 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं, नितीश रेड्डी ने महज 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन ठोक दिए, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था। दोनों की इस विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 19.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इससे पहले भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी। संजू सैमसन 14, वैभव सूर्यवंशी 4, कप्तान श्रेयस अय्यर 7 और अभिषेक शर्मा 27 रन बनाकर आउट हो गए। भारत का स्कोर जब 70 रन पर 5 विकेट था, तब न्यूजीलैंड की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। हालांकि, तिलक और नितीश ने अपनी शानदार साझेदारी से सभी समीकरण बदल दिए।
ऐसा रहा न्यूजीलैंड की पारी का हाल
पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 180 रन बनाए। ग्लेन फिलिप्स ने 43 गेंदों पर 70 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल थे। वहीं, बेवॉन जैकब्स ने भी 58 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम मुश्किल में जरूर फंसी, लेकिन तिलक वर्मा और नितीश रेड्डी ने अपने दमदार खेल से न्यूजीलैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। न्यूजीलैंड की ओर से मिचेल सेंटनर ने 4 विकेट लिए, लेकिन उनकी गेंदबाजी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली। तिलक वर्मा और नितीश रेड्डी की यह पारी लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों को याद रहेगी। इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट में आखिरी गेंद तक कुछ भी संभव है।

