अमेरिकी चुनाव में भारतवंशियों का दबदबा, पिया डांडिया समेत कई नेताओं ने दर्ज की जीत
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी नतीजों के बीच भारतीय मूल के नेताओं ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। कई भारतवंशी उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर अमेरिकी राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ का संकेत दिया है, जबकि कुछ बड़े चेहरों को हार का सामना करना पड़ा है। आइए जानते हैं कि इस चुनाव में किन भारतीय मूल के नेताओं ने बाजी मारी और किन्हें निराशा हाथ लगी।
पिया डांडिया ने दर्ज की शानदार जीत
फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने जीत हासिल की है। डिसीजन डेस्क एचक्यू ने उन्हें विजयी घोषित किया। पिया को करीब 52.2 प्रतिशत वोट मिले हैं। उनकी जीत को अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के प्रतिनिधित्व के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सुहास सुब्रमण्यम ने भी मारी बाजी
भारतीय-अमेरिकी नेता सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत दर्ज की है। उन्हें करीब 63 प्रतिशत वोट मिले। इस जीत के साथ सुब्रमण्यम अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे पहले साल 2024 में वह वर्जीनिया से कांग्रेस पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बने थे।
अरुणा मिलर की भी जीत
मैरीलैंड में भारतीय मूल की अरुणा मिलर ने भी चुनाव में जीत हासिल की है। इस जीत के बाद वह एक बार फिर राज्य की उपराज्यपाल के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी। अरुणा मिलर की सफलता ने भारतीय मूल के नेताओं की राजनीतिक मौजूदगी को और मजबूत किया है।
विवेक रामास्वामी को लगा बड़ा झटका
जहां कई भारतीय मूल के नेताओं ने जीत का जश्न मनाया, वहीं रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को ओहियो के गवर्नर पद के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार डॉ. एमी एक्टन ने उन्हें शिकस्त दी। इस नतीजे को विवेक रामास्वामी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
चुनावी मैदान में कई अन्य भारतवंशी भी
इन प्रमुख नेताओं के अलावा रितेश टंडन, नीरव सेठ, डॉ. अमीश शाह, महेश गनोरकर, संदीप दीक्षित और अनिल कुमार जैसे भारतीय मूल के उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अमेरिकी चुनाव में भारतवंशियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो वहां की राजनीति में उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
