उद्योगों को डीजल-गैस उपलब्ध कराए सरकार, दुर्भावनापूर्ण नीतियों से उद्योग बंदी के कगार पर – किशोर साहू
मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट, सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे : कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष
गुरूर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किशोर साहू ने प्रदेश सरकार पर उद्योगों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा है कि डीजल और गैस की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रदेश के अनेक छोटे-बड़े उद्योग गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। सरकार की गलत नीतियों और उदासीन रवैये के कारण उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं, जिसका सीधा असर हजारों मजदूरों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है।
किशोर साहू ने जारी बयान में कहा कि उद्योग किसी भी क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ होते हैं। उद्योगों के संचालन से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। वर्तमान में डीजल और गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं तथा बढ़ती लागत के कारण कई उद्योगों का संचालन प्रभावित हो रहा है। यदि समय रहते सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो अनेक इकाइयों के बंद होने की स्थिति निर्मित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों में कार्यरत हजारों श्रमिकों के सामने आज रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उद्योगों के उत्पादन में कमी आने से मजदूरों के कार्य दिवस घट रहे हैं और कई स्थानों पर छंटनी की नौबत आ गई है। इससे श्रमिक परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगों की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल प्रचार-प्रसार में व्यस्त है। जमीनी स्तर पर उद्योग संचालकों और श्रमिकों की परेशानियों को दूर करने के लिए कोई ठोस प्रयास दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योगों को पर्याप्त मात्रा में डीजल और गैस उपलब्ध नहीं कराई गई तो प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होंगी और बेरोजगारी की समस्या और अधिक बढ़ जाएगी।
किशोर साहू ने राज्य सरकार से मांग की कि उद्योगों के लिए डीजल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं तथा उद्योगों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार सुरक्षा के लिए उद्योगों का सुचारू संचालन बेहद आवश्यक है।

