अखिलेश बोले- छात्रों के साथ राम मंदिर के चंदे पर भी हो चर्चा
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने संसद में छात्र आंदोलन के मुद्दे के साथ राम मंदिर से जुड़े चंदे और चढ़ावे के कथित गबन के मुद्दे पर भी चर्चा की मांग की है। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को दोनों मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार छात्र आंदोलन और उससे जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने विपक्ष से अपील की कि चर्चा के दौरान हंगामा न किया जाए और गृह मंत्री के जवाब को शांतिपूर्वक सुना जाए।
रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने हाथ में एक तख्ती दिखाई, जिस पर लिखा था- ‘दूध का दूध और पानी का पानी’। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के साथ राम मंदिर से जुड़े चंदे और चढ़ावे के मुद्दे पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा, “हम चाहते हैं दूध का दूध और पानी का पानी जब होना हो हो, लेकिन चांदी की चांदी और सोने का सोना वापस हो जाए।” उन्होंने कहा कि जितना महत्वपूर्ण छात्रों का मुद्दा है, उतना ही महत्वपूर्ण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मामला भी है।
अखिलेश ने कहा कि विपक्ष दोनों मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रभु राम के चढ़ावे को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो इसका जवाब कौन देगा।
वहीं, अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि दो बड़े विषय हैं- एक छात्रों का मुद्दा और दूसरा चंदा चोरी का मामला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि दोनों मुद्दों पर संसद में चर्चा हो।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि चंदे और चढ़ावे का मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार की ओर से, खासकर प्रधानमंत्री की ओर से, इस मुद्दे पर देश को जवाब कब मिलेगा।
उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं पर हुई कार्रवाई का भी जवाब सरकार को देना चाहिए। अवधेश प्रसाद ने स्पष्ट किया कि “हमारे लिए ये दोनों विषय बराबर हैं।”
समाजवादी पार्टी का कहना है कि संसद में छात्र आंदोलन और राम मंदिर से जुड़े चंदे-चढ़ावे, दोनों मुद्दों पर सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिए।

