राम मंदिर चंदा मामले पर सपा का प्रदर्शन, दूध लेकर संसद पहुंचीं डिंपल यादव
समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर चंदा और दान से जुड़े आरोपों को लेकर सोमवार को एक बार फिर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव हाथ में दूध लेकर पहुंचीं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कथित चंदा और दान में हुई अनियमितताओं पर ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने की मांग की।
डिंपल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कह चुके हैं कि वह इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से महंगी जमीनों की खरीद और दान से जुड़े मामलों को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई।
डिंपल यादव ने कहा कि दान और दानपात्र में आए पैसे का क्या हुआ, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए। उन्होंने सरकार से संसद में इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
एफसीआरए बिल को लेकर भी सरकार पर निशाना
डिंपल यादव ने एफसीआरए बिल को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल लोगों और गैर-सरकारी संगठनों को डराने के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने आरएसएस के पंजीकरण और उसके फंडिंग स्रोतों को लेकर भी सरकार से सवाल किया।
उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि आरएसएस रजिस्टर्ड है या नहीं और अगर नहीं है तो उसके संचालन के लिए पैसा कहां से आता है।
धर्मेंद्र यादव बोले- चर्चा से बच रही सरकार
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सरकार राम मंदिर चंदे से जुड़े मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने से बच रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष शुरुआत से ही इस मामले पर एक-दो दिन की चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार ने इस पर चर्चा नहीं कराई।
एफसीआरए बिल को लेकर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी भी जनविरोधी प्रावधान का विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर चीज पर कब्जा करना चाहती है और अगर बिल पुराने स्वरूप में आया तो पार्टी उसका विरोध करेगी।
अफजाल अंसारी ने उठाया छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा
वहीं, सपा सांसद अफजाल अंसारी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग की।
अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया कि सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री सदन में आकर छात्रों के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करें।

