दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच DMRC ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया था।
मंगलवार को भी इन स्टेशनों को बंद रखा गया था, जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में मांग की गई थी कि वकीलों, वादियों और अदालत के कर्मचारियों को मेट्रो सेवाओं में सीमित प्रवेश की अनुमति दी जाए, ताकि न्यायिक कार्य प्रभावित न हो।
मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि वकीलों की अनुपस्थिति के कारण फिलहाल कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर दोपहर के भोजन तक कोई समाधान नहीं निकलता है, तो सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करेगा।
DMRC ने सुबह 7:30 बजे से कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का फैसला लिया था। इनमें राजीव चौक, सुप्रीम कोर्ट, मंडी हाउस, आईटीओ समेत कुल 16 स्टेशन शामिल हैं।
इसके अलावा लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सेवा तीर्थ, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम जैसे स्टेशन भी अगले आदेश तक बंद रखे गए हैं।
DMRC के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया। हालांकि, कुछ स्टेशनों जैसे राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर यात्रियों को लाइन बदलने की सुविधा जारी रखी गई है।

