तेलंगाना की सियासत में बड़ा फेरबदल, मंत्री कोंडा सुरेखा कैबिनेट से बाहर
तेलंगाना से इस वक्त की बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंत्री कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटा दिया है। सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्री पद से हटाने की सिफारिश राज्यपाल को भेजी गई है।
दरअसल, कोंडा सुरेखा की बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उनके परिवार समेत कुछ कांग्रेस नेताओं को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद पार्टी के भीतर विवाद गहरा गया।
सुष्मिता पटेल ने अपनी मां के जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने शेल कंपनियों के जरिए राज्य को नुकसान पहुंचाया है।
मामला बढ़ने के बाद कांग्रेस के कई विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद यह मामला कांग्रेस की अनुशासन समिति तक पहुंच गया।
विवाद के बीच कोंडा सुरेखा ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और तेलंगाना कांग्रेस प्रभारी मीनाक्षी नटराजन से मुलाकात भी की थी। सुरेखा ने कहा था कि पार्टी आलाकमान ने उनके मुद्दों पर विचार करने का भरोसा दिया है।
वहीं, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एक और बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, डॉ. जी. चिन्ना रेड्डी की तेलंगाना योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है।
उनकी जगह गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा नेरेला शारदा को तेलंगाना राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद जी. सुधा रानी को काकतीय शहरी विकास प्राधिकरण यानी KUDA का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
यानी एक तरफ मंत्री कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से बाहर किया गया है, तो दूसरी तरफ सरकार ने कई अहम पदों पर नई नियुक्तियां भी की हैं।

