सादगी और सिद्धांतों की राजनीति के पर्याय थे आलमबदी आजमी, 92 साल की उम्र में निधन
आजमगढ़। निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक और लंबे समय तक क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे आलमबदी आजमी का बुधवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने 92 वर्ष की आयु में आजमगढ़ शहर के कुर्मी टोला स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
आलमबदी आजमी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भी हुआ था। स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार न होने पर चिकित्सकों ने 13 जुलाई को उन्हें घर भेज दिया था। बुधवार रात करीब 12:30 बजे उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
विधायक के निधन की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। गुरुवार सुबह से ही श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।
राजनीतिक जगत ने बताया अपूरणीय क्षति
लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार शाम 4 बजे मुकेरीगंज स्थित जानेतुर्रशाद कब्रिस्तान में पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने आलमबदी आजमी के निधन को आजमगढ़ की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया। नेताओं का कहना है कि वह अपनी सादगी, बेबाकी और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
गोरखपुर से शुरू हुई शिक्षा, आजमगढ़ में बनाई राजनीतिक पहचान
आलमबदी आजमी का जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ की सगड़ी तहसील के बिंदवल गांव में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर के मियां साहब इस्लामिया इंटर कॉलेज से हुई, जहां उनके पिता शिक्षक थे।
उनका राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला। वर्ष 1989 में उन्होंने पहली बार आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। इसके बाद निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाई और पांच बार विधायक निर्वाचित हुए।
पांच बार रहे निजामाबाद के विधायक
आलमबदी आजमी ने वर्ष 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2002 में भी उन्होंने जीत दर्ज की। वर्ष 2007 में उन्हें बसपा प्रत्याशी अंगद यादव से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल की।
2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मनोज यादव को 34,187 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पांचवीं बार निजामाबाद सीट का प्रतिनिधित्व किया।
‘आलमबदी आजमी का जाना समाज और पार्टी के लिए बड़ी क्षति’
आजमगढ़ सदर से समाजवादी पार्टी विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि आलमबदी आजमी एक महान और आदर्श व्यक्तित्व के धनी थे। वह हमेशा जनता के बीच रहे और लोगों की समस्याओं को मजबूती से उठाते रहे।
उन्होंने कहा कि आलमबदी आजमी अपने सिद्धांतों और विचारों पर हमेशा अडिग रहे। उनका जाना समाजवादी पार्टी और पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने पिछड़ों, गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए हमेशा आवाज उठाई।
आलमबदी आजमी की सादगी, संघर्ष और जनता के प्रति समर्पण को आजमगढ़ की राजनीति में लंबे समय तक याद किया जाएगा।

