राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में बड़े फैसले, धार्मिक समिति का पुनर्गठन और CEO चयन पर मंथन
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को अयोध्या स्थित मणिरामदास छावनी में आयोजित हुई। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में राम मंदिर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में श्रावण मास के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़, ट्रस्ट में रिक्त पदों को भरने, चढ़ावे की गणना व्यवस्था और मंदिर प्रशासन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में राम मंदिर के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई। CEO चयन के लिए गठित समिति ने बताया कि इस पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। बेहतर चयन प्रक्रिया के लिए समिति ने एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया है।
चढ़ावे की गणना व्यवस्था पर चर्चा
राम मंदिर में चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों और एसआईटी जांच रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। हालांकि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट अभी ट्रस्ट को प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों और न्यायालय के आदेशों का भी संज्ञान लिया।
बैठक में मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। ट्रस्ट ने बताया कि चढ़ावा राशि की गणना वाले कक्ष समेत सभी कैमरों की पहुंच सुरक्षा अधिकारियों को पहले से उपलब्ध है।
सोने-चांदी के चढ़ावे की जांच व्यवस्था जारी
ट्रस्ट ने सोने और चांदी के चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता जांचने की व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक से जुड़े संस्थान की टकसाल के साथ व्यवस्था पहले से लागू है।
वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए एमओयू और बैंक की जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट की वित्त समिति को बैंक के साथ संबंधों और भविष्य की मानक प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार कर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
मीडिया संवाद के लिए नियुक्त होगा प्रवक्ता
राम मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े मामलों की जानकारी समाज और मीडिया तक पहुंचाने के लिए एक अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। ट्रस्ट का मानना है कि इससे संवाद व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
धार्मिक समिति का हुआ पुनर्गठन
मंदिर में पूजा-अर्चना की परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता स्वामी गोविंद देव गिरि करेंगे।
समिति में जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर वासुदेवानंद सरस्वती महाराज, मध्वपीठाधिपति स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ महाराज, स्वामी दिनेंद्र दास, स्वामी कमल नयन दास, महंत राजकुमार दास, स्वामी रामानंद दास और स्वामी मिथिलेश्नंदिनी शरण को सदस्य बनाया गया है।
अगली बैठक 2 सितंबर को
बैठक के बाद वासुदेवानंद सरस्वती ने बताया कि मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए प्रबंध समिति का गठन किया जाएगा। इसके अलावा एक CEO की नियुक्ति भी की जाएगी, जो प्रशासनिक कार्यों को संभालेगा। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को होगी, जिसमें रिक्त पदों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

