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गुरुर, ग्राम चिरचारी के ग्रामीणों ने औद्योगिक परियोजना का किया विरोध, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर जताई गंभीर चिंता

संवाददाता- दीपक देवदास , बालोद

नायब तहसीलदार गुरूर के ज्ञापन क्रमांक 322 दिनांक 11 मार्च 2026 के संदर्भ में ग्राम चिरचारी के ग्रामीणों ने प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्राम विकास समिति चिरचारी एवं समस्त ग्रामवासियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ग्राम सोरर स्थित भूमि को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने के प्रस्ताव का विरोध किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायपुर–विशाखापटनम कॉरिडोर के अंतर्गत ग्राम सोरर की भूमि खसरा नंबर 1200, कुल रकबा 34.40 हेक्टेयर में से 20.00 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक प्रयोजन के लिए मांगी गई है। यह भूमि ग्राम चिरचारी से सटी हुई है और आबादी क्षेत्र से मात्र लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित है।
बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने चिंता जताई कि यदि उक्त भूमि पर उद्योग स्थापित किया जाता है, तो उससे उत्पन्न जल, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण का सीधा प्रभाव ग्राम चिरचारी के निवासियों पर पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि इससे क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की बीमारियों एवं महामारी फैलने की आशंका बढ़ जाएगी, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि प्रस्तावित भूमि के उपयोग से मवेशियों के लिए चारागाह की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी, जिसका विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, भूमि के समीप शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सोरर एवं छात्रावास संचालित है, जहां बच्चों की पढ़ाई होती है। उक्त भूमि पहले से ही खेल मैदान के रूप में प्रस्तावित है, जिससे इसका औद्योगिक उपयोग अनुचित माना जा रहा है।
एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु पर ग्रामीणों ने ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि यह क्षेत्र पुरातात्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और यहां प्राचीन अवशेष होने की संभावना है। ऐसे में औद्योगिक गतिविधियों से इन ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान पहुंच सकता है।
ग्राम विकास समिति चिरचारी के अध्यक्ष एवं सचिव सहित समस्त ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामवासियों की भावनाओं एवं हितों को ध्यान में रखते हुए उक्त भूमि को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अपने गांव के पर्यावरण, स्वास्थ्य और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। इस अवसर पर पुरुषोत्तम, अमित कुमार, रुद्रकांत,भोलाराम,कल्याण सिंह सहारे,लेखराम,चंद्र प्रकाश, वीरेंद्र,चाणक्य,मिथिलेश कुमार, डिलेश,सतीश,ओम प्रकाश, प्रभा बाई,नवल सिंह, सुभे राम कुंती,तसना,रेवती, खोमीन, ईशावरी,मुकेश कुमार, सागर सिहारे सहित ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

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