बंगाल के तीन बागी मुस्लिम सांसदों ने बीजेपी-एनडीए से बनाई दूरी, ममता सरकार से बनाए रखे रिश्ते
मुर्शिदाबाद, जंगीपुर और बहरामपुर से चुने गए सांसदों ने एनडीए की बैठक से बनाई दूरी, लेकिन मुख्यमंत्री के साथ विकास मुद्दों पर बैठक में हुए शामिल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन बागी मुस्लिम सांसदों की भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से जुड़े होने के बावजूद इन सांसदों ने बीजेपी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से दूरी बनाए रखी है। हालांकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ उनके संपर्क और संवाद जारी हैं।
इन तीन सांसदों में मुर्शिदाबाद से अबू ताहिर खान, जंगीपुर से खलीलुर रहमान और बहरामपुर से यूसुफ पठान शामिल हैं। ये तीनों मुस्लिम बहुल लोकसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में ये तीनों सांसद लगातार दूसरी बार शामिल नहीं हुए। दूसरी ओर, दिल्ली में पश्चिम बंगाल के राजनीतिक नेतृत्व से जुड़ी एक बैठक में इन सांसदों ने भाग लिया, जिससे उनके राजनीतिक रुख को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
टीएमसी से अलग होकर NCPI में पहुंचे
अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान उन सांसदों के समूह का हिस्सा रहे हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी नेतृत्व से अलग राह अपनाई थी। बाद में ये सभी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए।
तीनों सांसदों का राजनीतिक सफर
अबू ताहिर खान लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और 2019 में टीएमसी में शामिल हुए थे। उसी वर्ष वे पहली बार लोकसभा सांसद चुने गए और 2024 में भी अपनी सीट बरकरार रखने में सफल रहे।
खलीलुर रहमान जंगीपुर से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। वहीं, पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले टीएमसी का दामन थामा और बहरामपुर सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर संसद पहुंचे।
बीजेपी-एनडीए में शामिल होने से किया इनकार
अबू ताहिर खान ने एक मीडिया बातचीत में स्पष्ट कहा कि वे न तो बीजेपी या एनडीए में शामिल होंगे और न ही उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि वे NCPI के साथ बने रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार के साथ उनकी बैठक विकास संबंधी मुद्दों पर केंद्रित थी।

