पंचायत सहायकों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, मानदेय 6 हजार से बढ़कर 9 हजार
उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पंचायत सहायकों के मासिक मानदेय में 3 हजार रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब पंचायत सहायकों को हर महीने 6 हजार रुपये की जगह 9 हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
इस फैसले की जानकारी पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दी। बताया गया कि पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद सरकार की ओर से मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
पंचायत सहायकों को हटाना अब आसान नहीं होगा
सरकार ने पंचायत सहायकों की नौकरी की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। अब ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपने स्तर से किसी पंचायत सहायक को पद से नहीं हटा सकेंगे।
किसी पंचायत सहायक को हटाने से पहले जिला मजिस्ट्रेट यानी DM के स्तर पर गठित जांच कमेटी की जांच जरूरी होगी। यानी पंचायत सहायक की सेवा समाप्त करने का फैसला अब जांच प्रक्रिया के बाद ही लिया जा सकेगा।
सीधे बैंक खाते में आएगा मानदेय
पंचायती राज मंत्री के मुताबिक पंचायत सहायकों को अब 9 हजार रुपये का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों को फायदा मिलने की बात कही गई है।
इसके साथ ही आंदोलन के दौरान पंचायत सहायकों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की भी जानकारी दी गई है। वहीं, जिन पंचायत सहायकों को पहले पद से हटा दिया गया था, उन्हें दोबारा बहाल करने की बात भी सरकार की ओर से कही गई है।
24 अगस्त से चल रहा था आंदोलन
दरअसल, पंचायत सहायक 24 अगस्त से लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करना, संविदा व्यवस्था खत्म कर नौकरी को सुरक्षित करना और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना शामिल था।
आंदोलन के दौरान पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत सहायकों से बातचीत कर उनकी मांगों पर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया था। अब सरकार ने मानदेय बढ़ाने और नौकरी की सुरक्षा से जुड़े कई फैसलों का ऐलान किया है।

