एक समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर एनसीपी (एसपी) नेता जितेंद्र आव्हाड ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि UCC के मुद्दे को सिर्फ मुस्लिम समुदाय से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, भारत की पहचान उसकी विविधता और अलग-अलग समुदायों की परंपराओं से रही है।
आव्हाड ने कहा कि देश की कानूनी व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी या असंतुलन पैदा न हो, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि मुस्लिम नेता UCC का विरोध कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मुसलमानों का मुद्दा नहीं है और इसे उसी नजरिए से देखना एक गलतफहमी है।
उन्होंने कहा कि देश में आदिवासी समुदायों की अपनी अलग धार्मिक और सामाजिक परंपराएं हैं। इसी तरह सिख और पारसी समुदायों की भी अलग-अलग विधियां और परंपराएं हैं। इसलिए UCC पर चर्चा करते समय भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखना जरूरी है।
आव्हाड ने कहा कि भारत की ताकत उसकी अनेकताओं में एकता रही है। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि देश की विशेषता ही विविधता में एकता है।
वहीं, शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी जितेंद्र आव्हाड ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता होती, तो जिला परिषद और ग्रामीण इलाकों के स्कूल बंद नहीं होते।
आव्हाड के मुताबिक, महाराष्ट्र में कई स्कूल बंद हो चुके हैं और कई ऐसे स्कूल हैं जहां पर्याप्त शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने शिक्षा के बजट में कमी का भी दावा किया और कहा कि अगर शिक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो इसका असर आने वाले समय में देश के भविष्य पर पड़ेगा।

