अलीगढ़ में जाम में फंसी मासूम की मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। खैर क्षेत्र में बीमार मासूम बच्ची की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को इलाज के लिए ले जाते समय करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहने के कारण समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके और उसकी जान चली गई। हालांकि, पुलिस ने जाम की वजह से मौत होने के दावे को भ्रामक बताया है।
मामला टेंटी गांव तिराहे के पास का है। बताया जा रहा है कि बच्ची उर्मी की तबीयत पहले से खराब थी। 2 सितंबर को उसकी हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद बच्ची के चाचा उसे इलाज के लिए बाइक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे।
रास्ते में भारी जाम मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों के मुताबिक, जाम से निकलने में करीब एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया। इस दौरान बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती गई। चाचा ने जाम से बचने के लिए गलियों के रास्ते अस्पताल पहुंचने की कोशिश भी की।
किसी तरह जब वे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, तो डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि अगर समय पर अस्पताल पहुंच पाते तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
बच्ची के पिता कन्हैया लाल अनाज मंडी में मजदूरी करते हैं। परिवार का कहना है कि खैर क्षेत्र में अक्सर लगने वाला जाम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन रहा है और इस मामले में भी जाम की वजह से इलाज में देरी हुई।
पुलिस ने दावों को बताया भ्रामक
वहीं, पुलिस ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, बच्ची की तबीयत पहले से खराब थी और उसकी मौत तेज बुखार व गंभीर बीमारी के चलते हुई है। पुलिस ने जाम में फंसने की वजह से बच्ची की मौत होने के दावे को भ्रामक बताया है।
फिलहाल बच्ची की मौत को लेकर परिवार के आरोप और पुलिस के बयान अलग-अलग हैं। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर मासूम की मौत की असली वजह क्या थी और क्या जाम के कारण इलाज में हुई देरी ने उसकी हालत को और गंभीर किया?

