उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायक अपनी विभिन्न मांगों और कम मानदेय को लेकर लखनऊ में लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। 24 अगस्त से जारी इस आंदोलन के बीच अब कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत सहायकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी हैं।
राजभर ने कहा कि पंचायत सहायकों की कई मांगें जायज हैं और सरकार के स्तर पर उनके समाधान की कोशिश की जाएगी। मंत्री के मुताबिक, धरने का नेतृत्व कर रहे पंचायत सहायकों से उनकी बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने अपनी प्रमुख समस्याएं सामने रखीं।
पंचायत सहायकों की पहली बड़ी शिकायत प्रधान और सेक्रेटरी को लेकर है। उनका आरोप है कि काम नहीं करने पर उन्हें हटाने की धमकी दी जाती है। इस पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और जांच के बाद ही किसी पंचायत सहायक को हटाने की कार्रवाई होगी।
इसके अलावा पंचायत सहायकों ने मानदेय के भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि 6 हजार रुपये का मानदेय कई बार 5 से 6 महीने की देरी से मिलता है। राजभर ने बताया कि पंचायत सहायकों का भुगतान राज्य वित्त आयोग से होता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कैबिनेट के सामने प्रस्ताव लाया जाएगा और फैसला होने के बाद मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
वहीं महिला पंचायत सहायकों ने मातृत्व अवकाश की मांग भी उठाई है। राजभर ने इस मांग को भी जायज बताते हुए समाधान का भरोसा दिया है।
यानी पंचायत सहायकों के आंदोलन के बीच सरकार की ओर से उनकी समस्याओं पर बात

