UPI पेमेंट पर नए चार्ज को लेकर सियासत तेज हो गई है। 2 हजार रुपये से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी MDR लागू करने के फैसले पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने सवाल उठाए हैं।
संजय निषाद ने कहा कि मौजूदा समय में महंगाई समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दे हैं। ऐसे में उनका मानना है कि लोगों पर इस तरह के अतिरिक्त चार्ज का बोझ नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किन परिस्थितियों में यह फैसला लिया गया और इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा।
संजय निषाद ने लोकतंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र में लोगों का बोझ कम करना, उन्हें सुविधाएं और अवसर देना प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्या है UPI का नया MDR नियम?
दरअसल, NPCI ने 15 अक्टूबर 2026 से 2 हजार रुपये से ज्यादा के चुनिंदा Person-to-Merchant यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी MDR लागू करने का ऐलान किया है। हालांकि, यह चार्ज सीधे ग्राहक से नहीं लिया जाना है, बल्कि मर्चेंट पेमेंट से जुड़े शुल्क के तौर पर लागू होगा।
2 हजार रुपये तक के मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा। वहीं, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति यानी Person-to-Person UPI ट्रांजैक्शन भी पहले की तरह बिना चार्ज के जारी रहेंगे।
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई ग्राहक किसी व्यापारी को 3 हजार रुपये का UPI पेमेंट करता है, तो 0.4 फीसदी की दर से 12

