आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने कहा है कि यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ इस्तीफे से मामला खत्म नहीं होगा, बल्कि चुनाव आयोग की व्यवस्था में बदलाव के लिए संसद से कानून में संशोधन जरूरी है।
दिल्ली में निर्वाचन आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक के सांसदों के विरोध मार्च के दौरान सुधाकर सिंह ने कहा कि यह केवल INDIA गठबंधन की लड़ाई नहीं है, बल्कि सही मतदाताओं की आवाज है। उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव आयुक्त के पद को लोकतांत्रिक नहीं बनाया जाता, तब तक इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी।
सुधाकर सिंह ने कहा, “केवल इस्तीफे से काम नहीं चलेगा। जब तक संसद से कानून में संशोधन नहीं होगा और इलेक्शन कमिश्नर के पद को लोकतांत्रिक नहीं बनाया जाता, तब तक इस देश में इसी तरह की घटनाएं होती रहेंगी।”
सुप्रीम कोर्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर सुधाकर सिंह ने कहा कि इस मामले में “सुप्रीम कोर्ट की भी मौन सहमति” है। यह उनका राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।
वहीं कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन प्रमुख मांगें गिनाईं। उन्होंने कहा कि पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है, दूसरी एसआईआर को रद्द करना और तीसरी बैलेट पेपर से चुनाव कराना है।
रंजीत रंजन ने कहा कि देश के करीब 13 करोड़ मतदाताओं का सवाल है और विपक्ष उनके लिए आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता, विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से जीता जाता है और इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष सड़क से संसद तक अपनी आवाज उठाता रहेगा।

