पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के पूर्व ओएसडी मनजीत सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। 13 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस कार्यालय में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। मनजीत सिंह सिद्धू को मुख्यमंत्री भगवंत मान का करीबी माना जाता रहा है। ऐसे में उनके कांग्रेस में शामिल होने को आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद मनजीत सिंह सिद्धू ने अपने पुराने सफर और समर्थकों के सहयोग को याद किया। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में लोगों ने उस समय भी उनका साथ दिया, जब उनके पास चाय पीने तक के पैसे नहीं हुआ करते थे। सिद्धू ने बताया कि उस दौर में कई लोग उनका मजाक भी उड़ाते थे, लेकिन उनके समर्थकों ने पूरी लगन के साथ उनका साथ निभाया।
मनजीत सिंह सिद्धू ने अपने संबोधन में भावुक अंदाज में कहा कि जब इंसान अपने हाथों से कोई घर बनाता है, तो उसे छोड़ना या टूटते हुए देखना बेहद तकलीफदेह होता है। उन्होंने रेत से बने घर का उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही वह घर समुद्र किनारे रेत से बनाया गया हो, लेकिन उसे पीछे छोड़ने का दर्द कम नहीं होता।
अब मनजीत सिंह सिद्धू के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीति में इसके संभावित असर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। देखना होगा कि आने वाले दिनों में उनके इस फैसले का आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की सियासत पर क्या प्रभाव पड़ता है।

