जौहर यूनिवर्सिटी बचाने की सपा की मुहिम तेज, कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर मंडरा रहे ध्वस्तीकरण के खतरे के बीच समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। सपा विधायकों और नेताओं ने मुरादाबाद में प्रदर्शन कर मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह से मुलाकात की और यूनिवर्सिटी की इमारतों को ध्वस्त न करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यूनिवर्सिटी में हजारों छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और किसी भी कार्रवाई से उनके भविष्य पर असर पड़ेगा। पूर्व मंत्री और सपा विधायक कमाल अख्तर ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी को राजनीतिक निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर वह छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
सपा विधायक मोहम्मद इरफान फहीम ने भी उम्मीद जताई कि मंडलायुक्त पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यूनिवर्सिटी को ध्वस्त होने से बचाने का काम करेंगे।
वहीं, इस मामले में इस्लामी विद्वान मौलाना मुहिब्बे अली नईमी ने अलग राय रखते हुए सरकार से मांग की है कि यूनिवर्सिटी को ध्वस्त करने के बजाय उसे अपने अधीन लेकर शिक्षा व्यवस्था जारी रखी जाए। उन्होंने यूनिवर्सिटी में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित करने की भी मांग की।
दरअसल, रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी रामपुर की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश दिए जाने के बाद विवाद तेज हो गया है। अब यूनिवर्सिटी को बचाने को लेकर दो अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। एक पक्ष सरकारी अधिग्रहण के जरिए इसे बचाने की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष आजम खान परिवार के साथ खड़ा होकर अधिग्रहण का विरोध कर रहा है।

