पलारी की सत्ता किसके सिर सजेगा ताज ? 1 जून को होगा मतदान, 4 जून को खुलेगा भाग्य का पिटारा

गुरुर। नवगठित नगर पंचायत पलारी के निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर तक दोनों दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अब चुनावी शोर थम चुका है और जनता की अदालत में फैसला होने का समय आ गया है। 1 जून को होने वाले मतदान में मतदाता अध्यक्ष पद सहित 15 वार्डों के पार्षद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे, जबकि चुनाव परिणाम 4 जून को घोषित किए जाएंगे।
नगर पंचायत पलारी में अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी लखनलाल गुरुपंच और कांग्रेस के प्रत्याशी यानेश साहू के बीच सीधी टक्कर है। दोनों प्रमुख दलों ने अपने-अपने अध्यक्ष प्रत्याशियों के साथ 15-15 पार्षद प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने लगातार सभाएं, नुक्कड़ बैठकें, जनसंपर्क अभियान और रैलियां आयोजित कर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया।
भाजपा ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा सुशासन को प्रमुख मुद्दा बनाकर जनता से समर्थन मांगा। वहीं कांग्रेस ने स्थानीय समस्याओं, जनहित के मुद्दों और नगर के समग्र विकास को लेकर मतदाताओं के बीच अपनी बात रखी। दोनों दलों के नेताओं ने जीत के दावे किए हैं और कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है।
चुनावी माहौल को देखते हुए नगर पंचायत क्षेत्र में मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मतदान प्रतिशत और मतदाताओं का रुझान ही चुनावी नतीजों की दिशा तय करेगा। अब सबकी निगाहें 1 जून के मतदान और 4 जून को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं।
नगर पंचायत पलारी की जनता किसे विकास की कमान सौंपेगी, किसके सिर जीत का ताज सजेगा और किसे विपक्ष में बैठना पड़ेगा, इसका जवाब मतपेटियों में बंद होगा, जो 4 जून को सामने आएगा।

