यशवंत विश्वकर्मा
धानापुरी में नाली पर नए स्लैब निर्माण में पुराने सरिया के इस्तेमाल का आरोप
ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल, जांच और कार्रवाई की मांग
गुरुर। विकासखंड गुरुर की ग्राम पंचायत धानापुरी में स्कूल जाने वाले मार्ग पर नाली के ऊपर बनाए गए नए स्लैब को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 15 फीट लंबे स्लैब के निर्माण में नए सरिया की जगह पुराने सरिया का उपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल जाने वाले मार्ग में आवागमन को सुगम बनाने के लिए नाली के ऊपर स्लैब का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में पुराने सरिया का इस्तेमाल किया गया और उसे नए निर्माण में उपयोग किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे स्लैब की मजबूती और भविष्य में राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
इस मामले में ग्राम पंचायत के सचिव ने पुराने सरिया के उपयोग की बात स्वीकार करते हुए बताया कि उक्त निर्माण कार्य 15वें वित्त की राशि से कराया गया है। वहीं पंचायत के इंजीनियर का कहना है कि किसी नए निर्माण कार्य में पुराने सरिया का उपयोग नहीं किया जा सकता।
वहीं सरपंच से जानकारी लेने पर उनके द्वारा कार्य को “गुड फेथ” में किए जाने की बात कही गई। हालांकि, निर्माण में पुराने सरिया के उपयोग को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए शासन से राशि उपलब्ध कराई जाती है, ऐसे में निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता के अनुरूप होना चाहिए। यदि नए निर्माण में पुराने निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है तो इसकी तकनीकी जांच आवश्यक है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री तथा भुगतान की जांच कराने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि यदि नए निर्माण में पुराने सरिया का इस्तेमाल हुआ है तो इसकी अनुमति किस आधार पर दी गई और निर्माण की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है? ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल मार्ग पर बने इस स्लैब की मजबूती से किसी प्रकार का समझौता भविष्य में दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी है।

