गुरुर। पूर्व जनपद अध्यक्ष सुचित्रा साहू ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरा

संवाददाता || दीपक देवदास || बालोद

गुरुर।बालोद जिला के गुंन्डरदेही के पूर्व जनपद अध्यक्ष सुचित्रा साहू ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं को गुमराह कर रही है। उनका कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका है, फिर भी इसके क्रियान्वयन को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार बड़े मुद्दों पर राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाने में विफल रही है और लगातार असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है।
सुचित्रा साहू ने बताया कि महिला आरक्षण बिल सितंबर 2023 में लोकसभा में 454 मतों से तथा राज्यसभा में 214 मतों से पारित हो चुका है। इस कानून को आधिकारिक रूप से “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” नाम दिया गया, जिस पर 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह संविधान का 106वां संशोधन बन गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि महंगाई, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बात होगी, लेकिन भाषण राजनीतिक अधिक और मुद्दों पर कम केंद्रित रहा।
पूर्व जनपद अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को 33% आरक्षण देना चाहती, तो इसे 2024 के चुनावों में ही लागू किया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि सीटों की संख्या बढ़ाने की चर्चा से कई राज्यों को नुकसान हो सकता है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को इन मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। उनके अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई ही वास्तविक सम्मान दर्शाती है।
अंत में सुचित्रा साहू ने कहा कि वे स्वयं एक महिला होने के नाते महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन यह राजनीति या किसी दल विशेष के हित में नहीं बल्कि देश की सभी महिलाओं के हित में लागू होना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *