|| यशवंत विश्वकर्मा ||
गुरुर। नवगठित नगर पंचायत पलारी के प्रथम निकाय चुनाव में कांग्रेस की जीत ने स्थानीय राजनीति में नया संदेश दिया है। अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश साहू की शानदार जीत ने भाजपा के उन तमाम दिग्गज नेताओं की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन्होंने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी थी।
नगर पंचायत पलारी के चुनाव को भाजपा ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश सरकार के वरिष्ठ नेताओं और भाजपा के बड़े चेहरों ने लगातार क्षेत्र का दौरा कर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, विधायक गजेन्द्र यादव, विधायक गुरु खुशवंत साहेब तथा फिल्म अभिनेता एवं विधायक अनुज शर्मा, नीलू शर्मा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल व चुनाव प्रभारी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी लखनलाल गुरुपंच के समर्थन में प्रचार किया।
भाजपा के इन बड़े नेताओं ने जनसभाएं, नुक्कड़ सभाएं और कार्यकर्ता बैठकों के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन चुनाव परिणामों में इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दिया। मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में अपना विश्वास जताते हुए अध्यक्ष पद पर कांग्रेस को विजय दिला दी।
स्थानीय संगठन की मेहनत भी नहीं दिला सकी जीत
चुनाव में केवल प्रदेश स्तर के नेता ही नहीं, बल्कि जिला और ब्लॉक स्तर के भाजपा पदाधिकारियों ने भी पूरी सक्रियता दिखाई थी। जिला भाजपा संगठन, जनप्रतिनिधियों और गुरुर ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं ने बूथ स्तर तक व्यापक प्रचार अभियान चलाया। इसके बावजूद भाजपा को सफलता नहीं मिल सकी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय मुद्दों, जनसंपर्क और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जमीनी सक्रियता ने भाजपा की प्रचार रणनीति पर भारी पड़ते हुए चुनाव परिणाम को प्रभावित किया। वहीं कांग्रेस ने चुनाव के दौरान लगातार जनता के बीच रहकर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह, भाजपा करेगी समीक्षा
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। जीत को लेकर कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता का आशीर्वाद और स्थानीय विकास के प्रति विश्वास बताया है। दूसरी ओर भाजपा खेमे में हार के कारणों को लेकर मंथन शुरू होने की संभावना है।
नगर पंचायत पलारी के पहले चुनाव में कांग्रेस की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भाजपा ने प्रदेश स्तर के अनेक प्रभावशाली नेताओं को प्रचार में उतारा था। इसके बावजूद मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में फैसला सुनाकर स्पष्ट संदेश दिया कि स्थानीय चुनावों में जमीनी मुद्दे और जनता से सीधा जुड़ाव सबसे महत्वपूर्ण साबित होता है।

