गुरुर 30 सितंबर 2026। संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र के 2023 प्रत्याशी एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश कुमार यादव ने बालोद जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) निधि से ग्राम खम्हारटोला प्राथमिक शाला में 5 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र की स्वीकृति को निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग को पत्र सौंपकर छात्रहित एवं जनहित में उक्त राशि को जिले के स्कूलों की मूलभूत आवश्यकताओं पर खर्च करने का आग्रह किया है।
राकेश यादव ने पत्र में कहा है कि बालोद जिले में वर्तमान में प्राथमिक, मिडिल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय तथा शिक्षकों की कमी जैसी अनेक समस्याएं हैं। ऐसे समय में एक स्थान पर 5 करोड़ रुपये की लागत से विज्ञान केंद्र का निर्माण करना जिले की प्राथमिक शैक्षणिक जरूरतों की तुलना में कितना उपयोगी होगा, इस पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने पत्र में दावा किया है कि जिले में 64 प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल भवनविहीन हैं, जबकि करीब 100 प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों के भवन जर्जर स्थिति में हैं। इसके अलावा अनेक विद्यालयों में छात्राओं के लिए गर्ल्स टॉयलेट की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। कई स्कूलों में शिक्षकों, व्याख्याताओं एवं प्राचार्यों के पद भी रिक्त हैं। यादव ने कहा कि इन समस्याओं का सीधा असर ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
5 करोड़ से सुधारी जा सकती हैं कई स्कूलों की व्यवस्थाएं
राकेश यादव ने कहा कि विज्ञान केंद्र के लिए प्रस्तावित 5 करोड़ रुपये की राशि से जिले के अनेक स्कूलों में भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, जर्जर भवनों का सुधार, छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण तथा अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को आधुनिक विज्ञान केंद्र की तुलना में सबसे पहले बेहतर स्कूल भवन, पर्याप्त कक्ष, शौचालय और विषयवार शिक्षक उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि यदि इसी राशि का उपयोग शिक्षकों की कमी दूर करने में किया जाए तो बड़ी संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था की जा सकती है, जिससे ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई का लाभ मिलेगा।
सांसद से छात्रहित में निर्णय लेने का आग्रह
यादव ने कांकेर सांसद भोजराज नाग से मांग की है कि बालोद जिले की वर्तमान शैक्षणिक जरूरतों को देखते हुए 5 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत विज्ञान केंद्र की योजना की समीक्षा कराई जाए और राशि को स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं तथा शिक्षकों की कमी दूर करने में उपयोग करने की दिशा में पहल की जाए।
उन्होंने कहा कि जिले के विद्यार्थियों के हित में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग ऐसी योजनाओं में किया जाना चाहिए, जिसका लाभ अधिक से अधिक बच्चों तक सीधे पहुंच सके।
पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास शील तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह को भी भेजी गई है।
5 करोड़ के विज्ञान केंद्र की स्वीकृति निरस्त कर स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं पर खर्च की जाए राशि : राकेश यादव

