||दीपक देवदास, बालोद ||
गुरुर। नगर पंचायत पलारी के मतदान के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली और मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस पक्ष का आरोप है कि चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर साजिश रची जा रही है तथा मतदान प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आई हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन अधिकारियों, प्रशासनिक अमले तथा पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। उनका कहना है कि मतदान से पूर्व ईवीएम मशीनों की समुचित जांच की जानी चाहिए थी, लेकिन इस दिशा में आवश्यक सतर्कता नहीं बरती गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय सत्ता पक्ष के दबाव में कार्य कर रहे हैं।
इस बीच संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने मतदान केंद्र क्रमांक 1 और 8 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि लगभग 72 वोट पड़ने के बाद ईवीएम मशीन में तकनीकी समस्या देखने को मिली। आरोप है कि बटन दबाने के बाद भी मशीन में तकनीकी गड़बड़ी दिखाई दी, जिससे मतदान की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर मतदाताओं के बीच चिंता बढ़ गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आती हैं तो इसकी तत्काल जांच कर मतदाताओं को स्थिति से अवगत कराया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि प्रशासन द्वारा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, जिससे संदेह की स्थिति बनी रही।
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मतदान केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने तथा ईवीएम संबंधी शिकायतों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी तरीके से निराकरण आवश्यक है।

