प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से जुड़े कथित डीपफेक और मॉर्फ्ड वीडियो के मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने FIR दर्ज की है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भ्रामक कंटेंट फैलाने के आरोप में जांच शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई नवी मुंबई के खारघर में बीजेपी की सोशल मीडिया को-ऑर्डिनेटर बीना जयेश गोगरी की शिकायत पर की गई। शिकायत के मुताबिक, 25 जुलाई को उन्हें ‘महाराष्ट्र धर्म’ नाम के फेसबुक अकाउंट से शेयर किया गया एक वीडियो मिला, जिसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के कथित बयान को तकनीकी रूप से बदलकर पेश किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो को इस तरह मॉर्फ किया गया कि मंत्री के वास्तविक बयान का अर्थ बदल गया और जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई। साथ ही, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक तस्वीरें और अपमानजनक सामग्री प्रसारित किए जाने का भी आरोप है।
मामले में पुलिस कई फेसबुक प्रोफाइल और इंस्टाग्राम हैंडल की जांच कर रही है। साइबर अधिकारियों ने डिजिटल सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अकाउंट संचालकों की जानकारी मांगी जा रही है। जांच का फोकस मूल अपलोडर की पहचान, कथित मॉर्फ्ड AI कंटेंट बनाने में इस्तेमाल तकनीकी माध्यमों और कंटेंट के प्रसार के नेटवर्क पर है।
FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D और 67 के तहत भी प्रावधान जोड़े गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की तकनीकी और डिजिटल जांच जारी है।

