अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत का जितनी उम्मीदों से इंतजार किया जा रहा था, उस पर पहले ही दिन पानी फिर गया। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत नहीं बनी और वेंस ने अगला दिन शुरू होने से पहले ही एलान कर दिया कि वार्ता को स्थगित किया जा रहा है, क्योंकि ईरान शर्ते मानने के लिए तैयार नहीं है। अब सामने आया है कि अमेरिका ईरान के परमाणु एनरिचमेंट प्रोग्राम को 20 साल के लिए फ्रीज करना चाहता था, लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं था। इसकी जगह ईरान 5 साल के फ्रीज की डील ऑफर कर रहा था। ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम ही अमेरिका के लिए सबसे बड़ा सिर दर्द था,
यही वजह थी कि दोनों देशों के बीच कोई डील नहीं हो पाई। अमेरिकी अखबारों में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच एग्रीमेंट की अवधि को लेकर अभी भी काफी मतभेद है, लेकिन माना जा रहा है कि साढ़े 12 साल पर सहमति बन सकती है। अमेरिका हमेशा से कहता रहा है कि ईरान के घरेलू एनरिचमेंट नहीं कर सकता, क्योंकि उससे इससे न्यूक्लियर वेपन कैपेबिलिटी का रास्ता मिल सकता है। हालांकि अब अमेरिका इसे लेकर थोड़ा नरम हुआ है। इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सबसे बड़ी बातचीत थी। एक तरफ वेंस ने शांति वार्ता के रद होने की घोषणा कर दी है, लेकिन दूसरी तरफ अधिकारियों का दावा है कि बातचीत अभी भी जारी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने उन अधिकारियों से बात की है, लेकिन इसके अतिरिक्त कोई डिटेल सामने नहीं आ पाई है।

